आज के वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में हर कोई पैसे को लेकर जागरूक हो रहा हे। बड़े पैमाने पर बहुत से व्यवसाय बंद होने की कगार पर हैं या बंद हो चुके हैं और हर तरफ श्रमिकों की छंटनी की जा रही है ,ऐसे में हर कोई चाहेगा की ज्यादा से ज्यादा पैसा बचा सके।
ऐसे में इलेक्ट्रिक कार एक ऐसी चीज है जिसपर दुनिया भर में लोग निवेश कर रहे हैं । भारत में फॉसिल फ्यूल की बढ़ती खपत और पर्यावरण में बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए हमारी सरकार भी इलेक्ट्रिक कारों और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर ज़ोर दे रही है।
हालांकि, अन्य चीजों की तरह, इलेक्ट्रिक कारों के भी अपने फायदे और नुकसान हैं।
इलेक्ट्रिक कार का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे खरीदने के बाद आपको हर दिन बढ़ रही तेल की कीमतों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। इलेक्ट्रिक कार से आप 1 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से यात्रा कर सकते हैं जो कि पेट्रोल से चलने वाली कार के मुकाबले 70 प्रतिशत कम है।
बिजली से चलने के कारण ये कार पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती। यह शून्य उत्सर्जन वाहन हैं अर्थात यह कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे किसी भी हानिकारक पदार्थ का उत्सर्जन नहीं करती है जो स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए और पूरी तरह से ईको फ्रेंडली होती हैं।
इसके इलावा इलेक्ट्रिक मोटर से चलने के कारण यह जरा सा भी शोर नहीं करती । ऐसे में ये पर्यावरण में ध्वनि प्रदूषण नहीं फैलाती हैं।
इलेक्ट्रिक कार के रख-रखाव के लिए भी ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ती और न ही हर महीने हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत है । यह कम रख-रखाव में भी ठीक से काम करती है तो इसका मेंटेनेंस पेट्रोल डीजल के मुकाबले शून्य है।
यही नहीं भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए लोन लेने पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम भी किया जा सकता है यदि यह आपकी पहली इलेक्ट्रिक कार हो ।
इस तरह इलेक्ट्रिक कारों के फायदे तो बहुत हैं पर साथ ही यह भी जान लें की इसके क्या नुकसान हैं?
इसमें कोई संदेह नहीं की भारत जैसे देश में इलेक्ट्रिक कारों का भविष्य उज्वल है पर अभी तक इनके लिए पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हुआ है।
हालांकि ओला कंपनी ने भारत में विश्व के सबसे बड़े दो पहिया वाहन के चार्जिंग नेटवर्क (ओला हाइपर चार्जर नेटवर्क) को बनाने की घोषना की है। साथ ही विश्व की नामी कंपनी टेस्ला ने भी टाटा मोटर्स के साथ मिलकर भारत के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने की इच्छा जाहिर की है।
मूल रूप से, पारंपरिक कारों के मूल्य टैग की तुलना में इलेक्ट्रिक कारें महंगी होती हैं। बैटरी भी बहुत महंगी हैं, जिसका अर्थ है कि अगर आपको इसे बदलने की आवश्यकता है, तो आपको इस पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की उम्मीद करनी होगी।
इलेक्ट्रिक कार वास्तव में आई सी इंजन की कार की शक्ति और गति से मेल नहीं खा सकती है। यह पूरी तरह चार्ज होने में भी काफी ज्यादा समय लेती है, जहां स्टैंडर्ड चार्जर से चार्ज करने में 6 से 7 घंटा लगता हे वहीं डी सी चार्जर से 1.50 से 2 घंटा लगता है, ऐसे में आपात स्थिति में यह तकलीफ दे सकती हैं।
कहने को तो इलेक्ट्रिक कार शून्य उत्सर्जन वाहन है पर इसमें लगने वाली बैटरी इको फ्रेंडली नही है। विभिन्न रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि इलेक्ट्रिक कार का निर्माण औसतन, ग्लोबल वार्मिंग को दोगुना बढ़ाता है और दहन इंजन कार के उत्पादन की तुलना में दोगुनी ऊर्जा का उपयोग करता है। आज की परिस्थिति में ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत के राष्ट्रीय ग्रिड में अधिकांश बिजली का उत्पादन फॉसिल फ्यूल के उपयोग से ही होता है।
हालांकि इलेक्ट्रिक कारों के अपने फायदे वह नुकसान हैं, आप देखेंगे कि इससे आपको जो फायदे होंगे, वे नुकसान से आगे निकल जाएंगे। यदि आप एक इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आप पाएंगे कि यह निश्चित रूप से आपके पैसे का सही निवेश होगा।
इलेक्ट्रिक कारों से मिलने वाली बचत की मात्रा से, आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप अंततः लंबे समय में बहुत सारा पैसा बचा लेंगे।
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Sahi kaha, pata nahi kitne saal lagenge ev infrastructure india mai behtar tarike se aane mai
ReplyDeleteVery nice project nahi to ek time yesa aayega ki pradusan se saas lena bhi muskil ho jaye ga or petrol itana mahanga ki socha bhi nahi hoga
ReplyDeleteLovely to stop pollution
ReplyDeleteअपने देश के लिए हर मायने में सही है, पर जब तक चार्जींग ईंफ्रास्ट्रक्चर मजबुत और eassy available नही होते तब तक परेशानियों का सामना करना पड सकता है....
ReplyDeleteअपने देश मे भी ये संभव है,
ReplyDeleteचार्जिंग का प्रॉब्लम दूर करने के लिए सरकार को हर पेट्रोल पंप में एक चार्जिंग पॉइंट देना चाहिए
New advance technology electric car production and charging sys should be establishment in india.
ReplyDeleteNew advance technology electric car production and charging sys should be establishment in india.
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ReplyDeleteAchi information hai, tata nexon EV k liye shuru
ReplyDeleteThanks for knowledge
ReplyDeleteखूब भालो information
ReplyDeleteUpgradation in life is necessary to survive...
ReplyDeleteNew technology se India ko bahot fayde hoge
ReplyDeleteChange is the only constant in life!” Change is a part of our life and most of the times, humans work together for a positive change that can benefit society. Talking about the automotive industry one of the biggest transformation. vehicles can improve that scenario by reducing local concentrations of pollutants in cities.
ReplyDeleteElectric and cng car should be increased in terms of production
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ReplyDeleteVery useful information. Lekin recharge ka koi accha solution hona chahiye
ReplyDeleteItna asan nahi hoga india me electric car ko settle hona
ReplyDeleteElectric vehicles are Necessary to control pollution and to save our earnings... nice information
ReplyDeleteVery informative
ReplyDeleteZamana badal raha hai badlaav zaroori hai
ReplyDeleteWaiting for tesla
ReplyDeleteNice future reference
ReplyDeleteYes we need pollution free cars for environment
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